समास के विभिन्न भेदों के उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. द्वंद्व समास (Dvandva Samas): इसमें दो शब्दों का संयोजन होता है जो समान अवस्था में होते हैं और एक साथ मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं। उदाहरण: राम-लक्ष्मण, सिता-राम, गंगा-यमुना, देश-विदेश।
2. तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas): इसमें प्राथमिक शब्द (विशेषण या संज्ञा) का अर्थ प्रधान शब्द (कर्मधारय समास) के साथ मिलता है। उदाहरण: गायकवादी, अध्यापकभूषण, सचिवालय, आकाशगंगा।
3. कर्मधारय समास (Karmadharay Samas): इसमें प्राथमिक शब्द (संज्ञा) का अर्थ प्रधान शब्द (विशेषण) के साथ मिलता है। उदाहरण: किताबदार, राजकुमार, बच्चगीस, पानखीदूसरा।
4. द्विगु समास (Dvigun Samas): इसमें प्राथमिक शब्द का अर्थ प्रधान शब्द के द्वारा दोगुना किया जाता है। उदाहरण: पशुपक्षि, मानवसेना, वनदेवता, राजधानी।
यौगिक समास (Yaugik Samas) के अलावा, अन्य समास भेद निम्नलिखित हैं:
6. अव्ययीभाव समास (Avyayibhava Samas): इसमें प्राथमिक शब्द एक अव्यय (अर्थशून्य शब्द) के साथ मिलकर एक नया शब्द बनाता है। उदाहरण: निर्लज्ज, खाली-हाथ, रोजगार, बिना-मात्रा।
7. अपदान समास (Apadana Samas): इसमें प्राथमिक शब्द के द्वारा दूसरे शब्द की स्थान, उत्पत्ति या अवधारणा का संकेत दिया जाता है। उदाहरण: काठ-मण्डू, यम-राज, दुर्ग-देवी, मद्रास-नगरी।
8. द्वंद्वता समास (Dvandvata Samas): इसमें प्राथमिक शब्द के साथ दूसरा शब्द उसी प्रकार की व्यक्ति, वस्तु या संगठन का संकेत देता है। उदाहरण: माता-पिता, भगवान-भक्त, देश-विदेश, नदी-सागर।
9. योगवाह समास (Yogavah Samas): इसमें प्राथमिक शब्द का अर्थ प्रधान शब्द के साथ संबंधित होता है, जिससे एक विशेष गुण, कर्म, या लक्षण का वर्णन किया जाता है। उदाहरण: सुंदर-मुख, वीर-गति, ज्ञान-दान, धन-लाभ
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